वर्किंग जर्नलिस्ट्स ऑफ इंडिया, पत्रकारो की मांगों को लेकर केंद्र सरकार को 12 फरवरी को विस्तृत ज्ञापन सौंपेगा

🟣 वर्किंग जर्नलिस्ट्स ऑफ इंडिया का दिल्ली के जंतर मंतर पर होने वाला महाप्रदर्शन अब 30 मार्च को होगा


स्वतंत्र सिंह भुल्लर नई दिल्ली

 वर्किंग जर्नलिस्ट्स ऑफ इंडिया, सम्बद्ध भारतीय मजदूर संघ, 12 फरवरी को , मीडियाकर्मियों की मांगों को लेकर , केंद्र सरकार को एक विस्तृत ज्ञापन देगा। यूनियन का एक प्रतिनिधिमंडल प्रधानमंत्री कार्यालय, केंद्रीय श्रम राज्य मंत्री व केंद्रीय सूचना व प्रसारण मंत्री को पत्रकारों की मांगों को लेकर एक ज्ञापन देगा। यूनियन ने अपने 12 फरवरी के प्रस्तावित महाप्रदर्शन को कोरोना की बढ़ रही महामारी को देखते हुए स्थगित कर दिया है। यूनियन का महाप्रदर्शन अब 30 मार्च को दिल्ली के जंतर मंतर पर होगा। 

 दिल्ली में पत्रकारों के महाप्रदर्शन को लेकर वर्किंग जर्नलिस्ट्स ऑफ इंडिया की आज देशभर के पत्रकारों के साथ वर्चुअल मीटिंग हुई, जिसमे मीडियाकर्मियों की मांगों को लेकर केंद्र सरकार को दिए जाने वाले ज्ञापन पर सभी की राय ली गयीं । बैठक की अध्य्क्षता यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री अनूप चौधरी जी ने की व उसका संचालन यूनियन के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्री संजय कुमार उपाध्याय जी ने किया। पत्रकारों का मार्गदर्शन व महाप्रदर्शन की रूपरेखा की जानकारी यूनियन के महासचिव श्री नरेन्द्र भंडारी ने की है। 

    बैठक में वर्किंग जर्नलिस्ट्स ऑफ इंडिया की हरियाणा यूनिट के अध्यक्ष श्री योगेश सूद ने कहा कि उनका राज्य पंजाब व उत्तरप्रदेश से लगा हुआ है, जहा पर चुनाव हो रहे है।उनके राज्य के ज्यादातर पत्रकार चुनावो में व्यवस्त है। उसे देखते हुए हमें 12 फरवरी की जगह मार्च के अंत मे महाप्रदर्शन करना चाहिये। श्री सूद ने हरियाणा सरकार द्वारा पत्रकारों के साथ किये जा रहे अन्याय का मामला उठाया। उन्होंने कहा कि उनका राज्य न तो पत्रकारों को कीरोन वारियर मानता है और न हो उन्हें बूस्टर डीजे वैक्सीन की दी जा रही है। पत्रकारों की मान्यता जो एक साल की होती थी उसे 6 माह का कर दिया गया है । 

   वर्किंग जर्नलिस्ट्स ऑफ इंडिया की हरियाणा यूनिट के कार्यकारी अध्यक्ष श्री विकास सुखीजा ने कहा कि मीडिया में केंद्र सरकार को एक देश एक नीति बनानी चाहिये। उन्होंने कहा कि पत्रकारियतां के क्षेत्र में काम करने वाले अथवा इस क्षेत्र से नए जुडने वाले सभी तरह के पत्रकारों व व्यक्तियों की शिक्षित योगिता निरधारित की जानी चाहिए, क्योंकि अकसर देखने में आ रहा है कि डिजिटल मीडिया की आड़ में वो लोग भी आगे आ रहे है, जिनका पत्रकारियतां से कुछ भी सरोकार नही है और एक माईक, सोशल साईटों आई डी बनाकर पत्रकार बन जाते है और इस पेशे की गिरमा को धुमिल कृ रहे है।

इस के अलावा जो पत्रकार 15 साल लगातार इस पेशे में सक्रिय भूमिका निभा कर काम कर रहा है, उसके व उसके परिवार को मार्सिक पेशन देने का प्रवाधान किया जाए। हरियाणा सरकार ने मान्यता प्राप्त पत्रकारों सरकारी नियम के मुताबिक 60 साल होने पर रिटायर्डमैंट मान कर दस हजार रुपए प्रतिमाह पैंशन देना शुरू किया हुआ है। परंतु ये राशि बहुत कम है, तेजी से बढती महंगाई को देखते हुए इसकी राशि कम से कम 25 हजार रुपए होनी चाहिए। इसे पूरे देश में लागू किया जाना चाहिए। मेडिकल सुविधा भी एक देश एक योजना के तर्ज पर निशुल्क उपलब्ध कराई जानी चाहिए। पत्रकार के काम के दौरान मृत्यु होने पर उसके परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने का भी प्रवाधान होना चाहिए। श्री सुखीजा ने कहा कि पत्रकारों का हरियाणा में जो दोहन हो रहा है, उसे लेकर वे एकजुट हो रहे है। 

     उत्तराखंड यूनिट के अध्यक्ष श्री सुनील कुमार गुप्ता, महासचिव श्री शैलेंद्र नेगी, श्री रजनीश ध्यानी व श्री मोहन ने कहा कि उनके राज्य में चुनाव हो रहे है और सभी पत्रकार उसी में लगे हए है। उन्होंने महाप्रदर्शन को मार्च में आयोजित करने का निवेदन किया। साथ ही उन्होंने पत्रकारों को फ्रंट लाइन वारियर घोषित करने की केंद्र व राज्य सरकार से अपील की है। 

   यूनियन की केरल यूनिट के अध्यक्ष श्री शिजू ने भी राज्य में कीरोन की स्थिति को देखते हुए , महाप्रदर्शन को स्थगित करने की अपील की साथ ही उन्होंने कहा कि 12 फरवरी को हमे सरकार को ज्ञापन तो देना ही चाहिये। वरिष्ठ पत्रकार सुनीता तिवारी ने कहा कि मीडिया संस्थान जब चाहे किसी को भी नोकरी से निकाल देते है। उसपर रोक लगनी चाहिये। चंडीगड़ दूरदर्शन की एंकर, सुश्री रमनजीत कोर चहल ने कहा कि प्रसार भारती सरकारी विभाग है, जहा पर पत्रकारों को बरसो अनुबंध पर रखकर कार्य करवाया जाता है, उन्होंने कहा कि ये नौकरी स्थायी होनी चाहिये। 

    झारखंड वरिस्ठ पत्रकार श्री सरोज कुमार आचार्य ने कहा कि देश मे जिला स्तर तक मीडिया कौंसिल बनने चाहिये और यदि किसी पत्रकार के खिलाफ कोई मामला हो तो वह पहले मीडिया कॉउन्सिल के समक्ष जाना चाहिये ओर उसकी अनुशंषा पर ही प्रशासन को आगे की कार्यवाही करनी चाहिये। 

   पंजाब के पत्रकार अशोक भारती ने कहा कि महाप्रदर्शन की तारीख आगे बढ़ा देनी चाहिए पर 12 को हमे सरकार को ज्ञापन जरूर देना चाहिये। उन्होंने राज्य में येलो कार्ड होल्डर पत्रकारों को भी मेडीकैक की व पेंशन की सुविधाएं देने की मांग की है। वेस्ट बंगाल से पत्रकार श्री दीपेंनदु चौधरी ने कहा कि उनके राज्य में कई मीडिया संस्थान पत्रकारी को कई महीने से सैलरी नही दे रहे है। उत्तरप्रदेश के आगरा के पत्रकार श्री प्रमोद कुमार अग्रवाल ने कहा कि उनके राज्य में चुनावो को देखते हए महाप्रदर्शन को स्थगित कर देना चाहिए। 

    वर्किंग जर्नलिस्ट्स ऑफ इंडिया की दिल्ली यूनिट के अध्यक्ष श्री संदीप कुमार शर्मा, महासचिव श्री देवेंद्र सिंह तोमर, सदस्य कार्यकारिणी श्री ईश मलिक, श्री अशोक सक्सेना , व सरदार प्रीत पाल सिंह ने देशभर के पत्रकारी से कहा कि वे महाप्रदर्शन में भाग लेने के लिए जब भी दिल्ली आएंगे तो उनका पूरा स्वागत किया जाएगा। उन्हीने कहा कि 12 फरवरी को वे केन्द्र सरकार को ज्ञापन देकर पत्रकारों की आवाज वे मांगो को सरकार तक पहुंचाएंगे।

 अंत मे यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री अनूप चौधरी ने घोषणा कर दी अब यूनियन का महाप्रदर्शन 30 मार्च को होगा, जी मीडिया जगत में ऐतिहासिक होगा। उन्हीने सभी पत्रकारी व पत्रकार संगठनों से एकजुट होने की अपील की है।